ऑनलाइन बिज़नेस कैसे शुरू करे सम्पूर्ण जानकारी | How to start online business in hindi

How to start online business in hindi: आज हम एक नए दौर में जी रहे है, आज हमारे पास अवसरों की कमी नहीं है, आज हमारे पास पैसा कमाने के बहुत सारे अवसर और तरिके उपलबध है। आज के इस इंटरनेट के दौर में हमे बस कुछ चीज़ो को समझने और जानने की आवश्यकता है, आज हम इंटरनेट की मदद से दुनिया भर में किसी से भी जुड़ सकते है। 

अगर आपके पास इंटरनेट की थोड़ी बहुत भी जानकारी है तो आप इंटरनेट की मदद से काफी अच्छा खासा पैसा कमा सकते है। 

आज हर व्यक्ति अपना आधे से जायदा समय इंटरनेट पर ही वयतीत करता है, लेकिन कुछ सिखने के लिए नहीं  सिर्फ अपना समय पास करने के लिए। अभी तक अधिक से जायदा लोग इंटरनेट के उपयोग को ही नहीं समझ पाए है, लोगो को पता ही नहीं है की इंटरनेट से लाभ कैसे ले।  

बहुत सारे लोग इंटरनेट की ताकत को ही नहीं समझ पाते है, वो बस इंटरनेट का इस्तेमाल अपना समय खराब करने या फिर ऐसी वैसी चीज़े देखने में ही निकल देते है, इंटरनेट के अंदर बहुत ताकत है अगर आप इंटरनेट की ताकत को समझ गए तो आप इंटरनेट की मदद से बहुत ही अच्छा खासा पैसा कमा सकते हो।  

आज कोई भी वयक्ति इंटरनेट की मदद से पैसे कमा सकता है और अपना ऑनलाइन बिज़नेस शुरू कर सकता है।  लेकिन आपको ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करने से पहले कुछ चीज़ो को समझना पड़ेगा।  

ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करने के फायदे। 

एक ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करने के बहुत सारे फायदे है।  

  • 24 घंटे उपलब्ध 
  • बेहतर ग्राहक सेवा
  • पैसे की बचत 
  • उत्पादों को तेजी से बड़ा सकते है 
  • बढ़ी हुई व्यावसायिकता

ऑनलाइन व्यापार के कई लाभों में शामिल हैं:

  • कम लागत

एक फिजिकल बिज़नेस की तुलना में एक ऑनलाइन बिज़नेस करना बहुत ही आसान है, ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा ये है की आप बहुत ही कम पैसे के साथ इसकी शुरुआत कर सकते हो।  

एक ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करने के लिए नहीं तो आपको कोई इन्वेंटरी मैनेज करने की आवश्कता होती है और नहीं कोई स्टाफ मैनेज करने की आवश्यकता होती है आप अकेले भी एक ऑनलाइन बिज़नेस की शुरुआत कर सकते हो।  

  • 24/7 उपलब्धता

इंटरनेट की मदद से आप अपनी सेवाए 24/7 उपलब्ध करा सकते है, यह चीज़ सिर्फ इंटरनेट की मदद से की पूरी हो सकती है। इंटरनेट की मदद से आप अपने ग्राहक से किसी भी समय जुड़ सकते है और आपका ग्राहक आपके साथ जुड़ सकता है।  इंटरनेट से अंदर समय की कोई बाधा नहीं होती है।  

  • बेहतर ग्राहक सहायता

इंटरनेट की मदद से आप अपने ग्राहक को बेहतर सपोर्ट कर सकते है, इंटरनेट की मदद से आप अपने ग्राहक अनुभव बहुत ही अच्छा बना सकते हो। 

  • असीम व्यापार

इंटरनेट की दुनिया में व्यापार के अंदर कोई सीमा नहीं होती है, इंटरनेट की मदद से आप अपने बिज़नेस को पूरी दुनिया भर में पोहचा सकते हो, इंटरनेट के अंदर बहुत ही ताकत है, इंटरनेट की मदद से आप कहि भी और कहि से भी अपने ग्राहक के साथ जुड़ सकते है। 

  • कहीं से भी अपने बिज़नेस को कर सकते है 

एक ऑनलाइन बिज़नेस को आप दुनिया के किसी भी कोने से कर सकते है, इंटरनेट की दुनिया में जगह और समय की कोई बाधा नहीं है, बस आपके पास अच्छा इंटरनेट होना चाहिए। 

इंटरनेट की ताकत और भविष्य क्या है?

df OmLSa74Tgu8e85PcwJi9daPOAaHzTbUHY69

कोरोना महामारी के बाद इंटरनेट का इस्तेमाल और भी बढ़ गया है, अब धीरे धीरे लोगो को इंटरनेट की ताकत समझ आने लगी है। पिछले कुछ वर्षो में इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत ही बढ़ा है, और आने वाले समय में इसका इस्तेमाल और तेजी से बढ़ेगा। 

कोरोना महामारी हर साल किसी ना किसी रूप में फिर आ जाती है, अब लोगो को समझ आ गया है की एक ऑनलाइन बिज़नेस होना कितना आवश्यक है।  

  • पिछले साल लगभग 1.79 बिलियन अलग-अलग लोगों ने ऑनलाइन खरीदारी की। 
  • लगभग 64% छोटे और मध्यम व्यवसायों के पास एक वेबसाइट है।
  • सभी ऑनलाइन दुकानदारों में से 88% उत्पाद खरीदने से पहले ऑनलाइन रिसर्च करते हैं।
  • मार्च 2019 से मार्च 2020 तक अधिकांश रिटेल सेक्टर में ऑनलाइन लेनदेन की मात्रा में 74% की वृद्धि हुई।
  • ऑनलाइन परिधान बिक्री में 34% की वृद्धि हुई जबकि कीमतों में 12% की गिरावट आई।
  • उपभोक्ता किराने के सामान जैसी चीजों पर 30% से 50% अधिक खर्च करने की योजना बना रहे हैं।
  • ऑनलाइन चीजें खरीदने वाले 48.7% उपभोक्ता महिलाएं हैं।
  • इन-स्टोर खरीदार की औसत आयु 44.8 वर्ष है, जबकि ऑनलाइन खरीदारी करने वालों की औसत आयु 38.9 वर्ष है।
  • 70% छोटे से मध्यम आकार के व्यवसाय (एसएमबी) अपनी डिजिटल उपस्थिति में अधिक निवेश कर रहे हैं।
  • सभी व्यवसायों में से लगभग 51% अपने ग्राहकों और ग्राहकों के साथ ऑनलाइन अधिक इंटरैक्ट करते हैं।
  • 35% छोटे से मध्यम आकार के व्यवसाय डिजिटल भुगतान विधियों के उपयोग को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित करते हैं।
  • सभी छोटे या व्यक्तिगत व्यवसायों में से 36% इंटरनेट पर अपनी बिक्री कर रहे हैं।
  • सभी छोटे या व्यक्तिगत व्यवसायों में से 36% इंटरनेट पर अपनी बिक्री कर रहे हैं।
  • 50% से अधिक छोटे व्यवसाय के मालिक महामारी समाप्त होने के बाद बहुत अधिक ऑनलाइन बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं।
  • वैश्विक ईकामर्स खुदरा बिक्री कुल खुदरा बिक्री का 17.5% होने की उम्मीद है।
  • 73% ग्राहक अपनी खरीदारी के लिए कई चैनलों और वेबसाइटों का उपयोग करते हैं।
  • 35% लोगों का कहना है कि ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) के माध्यम से किसी उत्पाद को ऑनलाइन आज़माने से वे अधिक खरीदारी करेंगे।

ऑनलाइन बिज़नेस करने  के लिए उपलब्ध मॉडल। 

यहाँ चार मुख्य ऑनलाइन व्यापार मॉडल हैं:

B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस)

जैसा कि नाम से पता चलता है, B2B एक बिज़नेस दूसरे बिज़नेस को उत्पाद बेचते हैं। WeWork एक बेहतरीन उदाहरण है, क्योंकि यह अन्य कंपनियों को अपने कार्यालय स्थान बेचता है। 

B2C (बिजनेस-टू-कंज्यूमर)

यह बिज़नेस मॉडल सबसे आम है, जहां एक ऑनलाइन बिज़नेस किसी व्यक्ति को सीधा सामान बेचते हैं। हालाँकि, कुछ B2C कंपनियाँ B2B भी कर सकती हैं, जैसे Amazon, उदाहरण के लिए।

C2B (उपभोक्ता-से-व्यवसाय)

आपको C2B बिज़नेस अक्सर देखने को नहीं मिलते हैं, लेकिन यह गिग इकॉनमी की बदौलत लोकप्रियता में बढ़ रहा है। एक C2B उदाहरण ब्लॉग मुद्रीकरण है, क्योंकि व्यक्ति विज्ञापनों के लिए कंपनियों को अपना ब्लॉग स्थान बेचते हैं।

C2C (उपभोक्ता-से-उपभोक्ता)

C2C तब होता है जब कोई उपभोक्ता किसी अन्य उपभोक्ता को eBay या Etsy जैसी वेबसाइट के माध्यम से सामान बेचता है।

ऑनलाइन बिज़नेस कैसे शुरू करे सम्पूर्ण जानकारी | How to start online business in hindi

(पोडक्ट कैसे ढूंढे)

064IJubeFsbtp3qsMbND5hwTuGzfITutnYrNOATENBz9JqRKudw7ZmdXWJ8xCKywKV5Dfd eNGOc9gy4Q8nmHW

किसी भी बिज़नेस को शुरू करने के लिए प्रोडक्ट को चुनना बहुत जरूरी होता है, एक ऑनलाइन बिज़नेस के अंदर आप क्या बेचेंगे यह आपको पहले से ही पता होना चाहिए। 

आप किसी भी इंडस्ट्री के अंदर बिज़नेस शुरू करने की सोच रहे हो, हर इंडस्ट्री के अंदर दो प्रकार के प्रोडक्ट होते है। 

1. हाई डिमांड प्रोडक्ट 

सबसे पहले प्रोडक्ट जिनकी मार्किट में बहुत डिमांड होती है और ग्राहक को भी इन प्रोडक्ट की जरूरत होती है। 

उदहारण: फ़ूड, दवाईया, सर्विसेज इत्यादि। 

2. निच प्रोडक्ट

निच प्रोडक्ट वह प्रोडक्ट होते है जो एक स्पेसिफिक कस्टमर को टारगेट करते है, यानि की जो किसी छोटी मार्किट को टारगेट करते है वह निच प्रोडक्ट होते है। 

उदहारण: हाथ से बनी चीज़े, आर्गेनिक फ़ूड इत्यादि। 

प्रोडक्ट कैसे ढूंढे या बनाए ?

xjyP8An5cMiBe8DHVN gdNcb6eySd6 KwxkrNgOULoVyrMLPRv4yUREoZ3kq tHXIUyLolEI0txUmBgH6BYh7Or5gLhplnjhciWSjxuUiFM

कोई भी प्रोडक्ट ढूंढ़ने या बेचने से पहले किसी समस्या को ढूंढे, और सबसे पहले शुरुआत खुद से करे।  देखे की ऐसा कोनसी समस्या है जिसका आप हर रोज सामना करते है और आप उसका समाधान निकाल सकते है। 

कोई भी प्रोडक्ट ढूंढ़ने या बनाने से पहले आपको लोगो की समस्या और जरूरतों को समझना पड़ेगा, लोग हमेशा उसी चीज़ को खरीदते है जिससे उनकी कोई समस्या का समाधान होता है या फिर उनकी जरूरत पूरी होती है। 

उदहारण: जोमोटो, ओयो, फ्लिपकार्ट इत्यादि। 

प्रोडक्ट ढूंढ़ने और बनाने के लिए कुछ जरूरी टिप्स 

  • हमेशा वोही प्रोडक्ट बेचे जो लोगो की जरूरत को पूरा करते हो। 
  • अपने प्रोडक्ट को हमेशा एक ब्रांड की तरह बेचे। 
  • हमेशा ट्रेंड के साथ चले, देखे की किस चीज़ की जायदा डिमांड है और उसी के हिसाब से प्रोडक्ट बनाए। 
  • एक छोटी मार्किट को टारगेट करे। 

चैपटर-2

(ऑनलाइन मार्किट रिसर्च कैसे करे )

ऑनलाइन मार्किट रिसर्च कैसे करे?

किसी भी बिज़नेस को शुरू करने से पहले मार्किट के बारे में रिसर्च करना बहुत ही आवश्यक होता है, इसीलिए सबसे पहले मार्किट रिसर्च करे।  ऑनलाइन मार्किट रिसर्च करने के तरिके अलग होते है। 

ऑनलाइन मार्किट रिसर्च क्यों करनी चाहिए ?

  • टारगेट ऑडियंस को समझने के लिए

किसी भी नए बिज़नेस के लिए टारगेट ऑडियंस को ढूंढ़ना और उसको समझना बहुत ही जरूरी होता है, ऑनलाइन मार्किट रिसर्च की मदद से आप अपनी टारगेट ऑडियंस को आसनी से समझ सकते है और उनके बारे में अच्छे से जान सकते है। 

  • ग्राहक के व्यवहार को समझने के लिए 

आप जिस भी इंडस्ट्री में काम कर रहे हो या करने की सोच रहे हो उस इंडस्ट्री के अंदर आपको अपने ग्राहक का व्यवहार समझना पड़ेगा।  

  • नए बिज़नेस अवसर ढूंढ़ने के लिए 

जब भी मार्किट रिसर्च करते है तो जरूर कुछ ना कुछ नए बिज़नेस अवसर हमे मिलते है, जैसे की बिज़नेस में क्या ट्रेंड चल रहा है, और नए बिज़नेस मॉडल क्या क्या उपलब्ध है। 

मार्किट रिसर्च के प्रकार। 

मार्किट रिसर्च के दो प्रकार है। 

  • प्राइमरी रिसर्च

प्राइमरी रिसर्च के अंदर डाटा को इकट्ठा करना करना होता है। 

उदहारण

  • ऑनलाइन सर्वे के माध्यम से 
  • इंटरव्यू के माध्यम से 
  • ऑनलाइन ग्रुप्स के माध्यम से 
  • सेकेंडरी रिसर्च 

सेकेंडरी रिसर्च के अंदर प्राइमरी रिसर्च डेट इस्तेमाल किया जाता है मार्किट को समझने के लिए। 

मार्किट रिसर्च कैसे करे?

  • कीवर्ड रिसर्च करे 

ऑनलाइन दुनिया के अंदर कीवर्ड की बहुत बड़ी भूमिका है, कीवर्ड रिसर्च आपको मार्किट के बारे में समझने के लिए आपकी मदद कर सकता है।  

कीवर्ड रिसर्च से आप पता लगा सकते है की लोग इस बिज़नेस के अंदर क्या सर्च करते है और कितनी बार सर्च करते है। 

कीवर्ड रिसर्च की मदद से आप अपने ग्राहक के बारे में भी पता लगा सकते है, आप कीवर्ड की मदद से देख सकते है ग्राहक किस चीज़ में रूचि रखता है किस में नहीं। 

कीवर्ड रिसर्च टूल्स:

  • कीवर्ड प्लानर 
  • Ahrefs 
  • कॉम्पिटिटर के बारे में रिसर्च करे 

जैसा की हम जानते है हर बिज़नेस के अंदर कोई ना कोई कॉम्पिटिटर जरूर होता है, इसीलिए कॉम्पिटिटर के बारे में रिसर्च करे। 

कॉम्पिटिटर के बारे में समझे देखे की आपका कॉम्पिटिटर किस रणनीति का इस्तेमाल कर रहा है। 

कॉम्पिटिटर के बारे में ये सभी चीज़े रिसर्च करे 

  • बिज़नेस मॉडल: अपने कॉम्पिटिटर का बिज़नेस मॉडल समझे। 
  • सेल्स फ़नल: अपने कॉम्पिटिटर का सेल्स फ़नल समझे। 
  • वेबसाइट: अपने कॉम्पिटिटर की वेबसाइट को देखे और एनालाइज करे। 
  • ट्रेंड रिसर्च करे

चीज़े हमेशा ट्रेंड के हिसाब से चलती है, आपको यह देखना होगा की ट्रेंड में क्या चल रहा है ग्राहक और मार्किट किस चीज़ की डिमांड कर रही है। 

आपको यह देखना होगा की जो आप प्रोडक्ट बेचना चाहते हो ग्राहक की उस प्रोडक्ट में रूचि बड़ी या नहीं कुछ पिछले सालो में। 

  • सोशल मीडिया को समझे 

पिछले कुछ सालो में सोशल मीडिया की परिभाषा बदल गया है, आज सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ मनोरंजन तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आज सोशल मीडिया का इस्तेमाल बिज़नेस के रूप में किया जाता है। 

आपको सोशल मीडिया के बारे में भी रिसर्च करनी पड़ेगी, आपको देखना होगा की लोग सोशल मीडिया पर सबसे जायदा क्या चीज़ पसंद करते है।  

आपको यह भी रिसर्च करना होगा की आपके बिज़नेस के लिए कोनसा प्लेटफार्म सही होगा। 

चैपटर-3

(टारगेट मार्किट)

किसी भी बिज़नेस के अंदर टारगेट मार्किट को ढूंढ़ना बहुत ही आवश्यक होता है, प्रोडक्ट को बेचने के लिए आपको प्रोडक्ट को सही लोगो तक पोहचाना होता है। 

टारगेट मार्किट क्या होती है?

टारगेट मार्किट एक मार्किट का वह हिस्सा होता है जहा पर आप अपने प्रोडक्ट्स को पोहचना चाहते हो, टारगेट मार्किट आपको आपके ग्राहक से जोड़ती है जिसके लिए आप प्रोडक्ट बना रहे हो। 

टारगेट मार्किट कैसे ढूंढे 

टारगेट मार्किट ढूंढ़ने के लिए आपको अपने प्रोडक्ट या सर्विस को अच्छे से समझना होगा, और आपको लोगो की जरूरत के साथ अपने प्रोडक्ट को जोड़ना होगा। 

  • देखे की आपका प्रोडक्ट किस समस्या का समाधान निकाल रहा है। 
  • देखे की आपका प्रोडक्ट किन लोगो की जरूरतों को पूरा कर रहा है। 
  • अपनी टारगेट ऑडियंस तक पोहचने के लिए नए नए मार्केटिंग चैनल का इस्तेमाल करे। 

ग्राहक की प्रोफाइल बनाए 

हर बिज़नेस के अंदर ग्राहक ही सब कुछ होता है, अगर आप अपने बिज़नेस के लिए टारगेट ऑडियंस ढूंढ़ना चाहते हो तो सबसे पहल अपनी ग्राहक की प्रोफाइल बनाए  और उसे समझे। 

जितना आप अपने ग्राहक को समझोगे, उसके बारे में जानोगे उतना ही अपनी टारगेट ऑडियंस को अच्छे से जान पाओगे। 

आइये जानते है ग्राहक की प्रोफाइल कैसे बनाए  

ग्राहक की प्रोफाइल को हम दो हिस्सों में बाटते है। 

  • डेमोग्राफिक

डेमोग्राफिक के अंदर ये सभी चीज़े आती है। 

  • उम्र 
  • जगह
  • जेंडर
  • इनकम लेवल
  • पढ़ाई
  • काम
  • प्स्य्चोग्राफिक 

प्स्य्चोग्राफिक के अंदर ये सभी चीज़े आती है। 

  • इंटरेस्ट 
  • हॉबी 
  • वैल्यू 
  • ऐटिटूड
  • व्यहवार
  • लाइफस्टाइल

आप यह डाटा सोशल मीडिया, या इंटरव्यू, या किसी सर्वे के तहत जुटा सकते है। 

ऑनलाइन प्लेटफार्म का इस्तेमाल करे। 

जैसा की हम जानते है आज हमारे पास बहुत सारे प्लेटफार्म उपलब्ध है जिनका उपयोग कर के हम अपनी टारगेट ऑडियंस के बारे में अच्छे से जान सकते है। 

आज के समय में ऑनलाइन टूल्स ने बहुत सारी चीज़े आसान बना दी है, आप ऑनलाइन टूल्स का इस्तेमाल कर के अपनी टारगेट ऑडियंस को अच्छे से समझ सकते हो। 

आइये जानते है कौन कौन से टूल्स का आप इस्तेमाल कर सकते हो। 

  • गूगल ट्रेंड 

गूगल ट्रेंड एक गूगल का ही प्रोडक्ट है, जिसकी मदद से आप ये देख सकते है लोग किस चीज़ में जायदा रूचि रखते है और किस चीज़ को गूगल पर कितना सर्च करते है। 

  • Ahrefs 

Ahrefs एक कीवर्ड रिसर्च टूल है जिसकी मदद से आप यूजर के इंटेंट को समझ सकते हो। 

कम्पटीशन को देखे। 

किसी भी एक नए बिज़नेस के लिए कम्पटीशन को समझना बहुत ही आवश्यक होता है, अपने कम्पटीशन को ढूंढे और उसे समझे। 

कॉम्पिटिटर के बारे में ये सभी चीज़े रिसर्च करे। 

  • कॉम्पिटिटर की प्राइस क्या है। 
  • कॉम्पिटिटर के बेस्ट सेलर प्रोडक्ट कोनसे है। 
  • कॉम्पिटिटर के सोशल मीडिया पेज पर जाये और वहा ग्राहक के फीडबैक को समझे। 
  • कम्पेटिटोर्की वेबसाइट पर जाये और उसे देखे। 

चैपटर-4

(वेबसाइट कैसे बनाए )

एक ऑनलाइन बिज़नेस के अंदर वेबसाइट ही सब कुछ होती है, एक वेबसाइट ही आपके बिज़नेस को दर्शाती है। 

वेबसाइट के जरिये ही आप अपने ग्राहक/यूजर को अपने प्रोडक्ट या सर्विस लेने के लिए आकर्षित कर सकते हो। 

आइये जानते है वेबसाइट कैसे बनाए और सेटअप करे। 

डोमेन नाम चुने 

एक वेबसाइट बनाने के लिए सबसे पहले आपको एक डोमेन नाम चुनना होगा, जैसा एक बिज़नेस का नाम होता है वैसे ही इंटरनेट की दुनिया में आपके बिज़नेस को ढूंढ़ने के लिए एक डोमेन नाम का इस्तेमाल किया जाता है। 

अगर आसान भाषा में समझे तो यह एक वेबसाइट का पता होता है, जिसे यूजर इंटरनेट पर सर्च कर के आपकी वेबसाइट तक पोहच सकता है। 

डोमेन नाम चुनने के लिए कुछ खास टिप्स:

  • नाम यूनिक रखे। 

अपना डोमेन नाम हमेशा यूनिक रखे, किसी वेबसाइट या किसी बिज़नेस से सबमंदित डोमिन ना खरीदे। 

  • आसान शब्दो का इस्तेमाल करे। 

अपना डोमेन नाम बहुत ही आसान शब्दो में रखे, जिसे आपका ग्राहक/यूजर आसानी से याद रख सके। 

  • डोमेन नाम छोटा रखे। 

अपने डोमेन नाम को जायदा बड़ा ना रखे, जितना हो सके उतना छोटा रखे। 

वेबसाइट बिल्डर चुने। 

आज टेक्नोलॉजी ने बहुत सारी चीज़े आसान बना दी है, आज कोई भी वेबसाइट बना सकता है। आज वेबसाइट बनाने के लिए कोडिंग का किसी स्किल्स की आवश्यकता नहीं है, आज के समय में मार्किट में बहुत सारे टूल उपलब्ध है जिनका इस्तेमाल कर के आप वेबसाइट बना सकते है। 

  • वर्डप्रेस

वर्डप्रेस एक बहुत ही फेमस टूल है जिसका इस्तेमाल कर के आप एक वेबसाइट बना सकते है, आपको अपने होस्टिंग सर्वर से वर्डप्रेस को जोड़ना होगा, और उसके बाद आप कोई थीम इनस्टॉल कर के वर्डप्रेस पर काम शुरू कर सकते है। 

  • विक्स

वर्डप्रेस की तरह विक्स भी एक वेबसाइट बिल्डर है, जहा पर आप चीज़ो को ड्रैग एंड ड्राप कर के माध्यम से एक वेबसाइट तैयार कर सकते है। 

वेबसाइट बनाने के लिए कुछ जरूरी टिप्स। 

  • मोबाइल ऑप्टिमाइजेशन 

आज के समय में आपकी वेबसाइट का मोबाइल फ्रेंडली होना बहुत ही जरूरी है, अगर आपकी वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली नहीं है तो आपकी वेबसाइट गूगल के अंदर रैंक होने में आपको समस्या प्रदान कर सकती है। 

  • सिक्योरिटी 

अपनी वेबसाइट के अंदर हमेसा HTTPS का इस्तेमाल करे। 

  • प्राइवेसी पालिसी/टर्म्स और कंडीशन 

अपनी वेबसाइट के अंदर प्राइवेसी पालिसी/टर्म्स और कंडीशन पेज को जरूर जोड़े। 

चैपटर-5

( ट्रैफिक कैसे लाए )

एक ऑनलाइन बिज़नेस को कामयाब बनाने के लिए आपको उसमे ट्रैफिक की आवश्यकता पड़ेगी। ऑनलाइन बिज़नेस के अंदर ट्रैफिक ही सब कुछ है अगर आपके ऑनलाइन बिज़नेस पर ट्रैफिक नहीं है तो आप अपने बिज़नेस को जायदा दिन तक नहीं चला सकते। 

आज के समय में ऑनलाइन बिज़नेस के अंदर ट्रैफिक लाना इतना आसान भी नहीं है, और इतना मुश्किल भी नहीं है। 

ऑनलाइन बिज़नेस के अंदर ट्रैफिक लाने के लिए आपको एक रणनीति की आवश्यकता पड़ेगी। 

एक रिसर्च के अनुसार पता चला है की लोग गूगल के अंदर उन्ही वेबसाइट पर क्लिक करते है जो टॉप 10 रिजल्ट्स के अंदर दिखाई जाती है, तो आपको एक अच्छा ट्रैफिक लेने के लिए अपनी वेबसाइट को टॉप 10 के अंदर रैंक कराना होगा।  

ऑनलाइन बिज़नेस में ट्रैफिक कैसे लाए। 

जब भी आप गूगल पर कुछ सर्च करते है तो आपको उसी चीज़े के लिए निचे काफी वेबसाइट दिखाई जाती है, और जो सबसे पहले दिखाई जाती है आप उसी पर क्लिक करते हो। 

ऑनलाइन बिज़नेस के अंदर ट्रैफिक लेने के लिए सबसे पहले अपने यूजर की जरूरत को समझे, देखे की आपका यूजर किस तरह का कंटेंट पसंद करता है। 

सोशल मीडिया

सोशल मीडिया का इस्तेमाल बहुत ही बढ़ चूका है, आज के समय में सोशल मीडिया बिज़नेस के लिए बहुत ही उपयोगी बन गया है। 

आज बहुत सारे बिज़नेस सिर्फ सोशल मीडिया के माध्यम से ही चल रहे है, आप सोशल मीडिया की मदद से अपने बिज़नेस को आसनी से आगे बढ़ा सकते है। 

पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफार्म 

  • इंस्टाग्राम
  • फेसबुक 
  • लिंकेडीन 
  • पिंटरेस्ट

सोशल मीडिया पर मार्केटिंग करने के लिए आपको पहले प्रोडक्ट और सर्विस को अच्छे से समझना, और उसी के हिसाब से किसी एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म का चुनाव करना होगा। 

याद रखे हर सोशल मीडिया प्लेटफार्म की एक पहचान होती है, आप सभी जगह पर अपने प्रोडक्ट और सर्विस को नहीं बेच सकते हो। 

इसीलिए अपने प्रोडक्ट और सर्विस के हिसाब से सोशल मीडिया पर मार्केटिंग करे। 

सोशल मीडिया पर मार्केटिंग करने के लिए कुछ टिप्स 

  • अच्छा कंटेंट बनाए 
  • ब्रांड पर ध्यान दे 
  • अपने यूजर को समझे

ईमेल मार्केटिंग 

ट्रैफिक लाने का दूसरा तरीका ईमेल मार्केटिंग है, ईमेल मार्केटिंग एक बहुत ही अच्छा तरीका है। 

लेकिन ईमेल मार्केटिंग करने से पहले आपके पास ग्राहक की ईमेल होनी चाहिए, आप अपनी वेबसाइट के माधयम से ईमेल जुटा सकते है और ईमेल मार्केटिंग की शुरुआत कर सकते है। 

ईमेल मार्केटिंग करने के लिए कुछ टिप्स 

  • नए यूजर को अपने बिज़नेस के बारे में बताए
  • अपने आने वाले ऑफर और डिस्काउंट को प्रमोट करे
  • अपने यूजर को इनफार्मेशन प्रदान करे
  • हाई कुलाइटी कंटेंट प्रदान करे

पे पर क्लिक 

पे पर क्लिक एडवरटाइजिंग का पार्ट है, पे पर क्लिक के अंदर हमे थर्ड पार्टी एडवरटाइजर को क्लिक मिलने पर कुछ पैसे देने होते है।

आज के इस ऑनलाइन दौर में बहुत सारे ऐसे प्लेटफार्म है जो कि पे पर क्लिक एडवरटाइजिंग की सुविधा प्रदान करते है, जैसे फेसबुक, गूगल एड्स, ट्विटर, लिंक्डइन, और पिंटरेस्ट इत्यादि।

आइये जानते है आपको पे पर क्लिक क्यों इस्तेमाल करना चाहिए।

एसईओ

एसईओ किसी भी वेबसाइट को सर्च इंजन में रैंक कराने का एक प्रोसेस है, ऑनलाइन ट्रैफिक लेने के लिए एसईओ एक बहुत ही अच्छा तरीका है, लेकिन एसईओ के माध्यम से ट्रैफिक लेने के लिए आपको बहुत समय देना होगा। 

एसईओ करने के लिए कुछ खास टिप्स 

  • आपका डोमेन नाम आपके प्रोडक्ट और सर्विस से सम्बंदित होना चाहिए 
  • जब भी आप कंटेंट क्रिएट करो कीवर्ड पहले से ही ढून्ढ के रखना 
  • गूगल एनालिटिक्स का इस्तेमाल करे 
  • कीवर्ड की भावना को समझे

लोकल मार्केटिंग 

आप जो भी प्रोडक्ट या सर्विस बेच रहे हो आप उसे अपने शहर या गांव के अंदर ऑफलाइन भी बेच सकते है, अपने बिज़नेस को बढ़ाने के लिए लोकल मार्केटिंग भी एक बहुत ही अच्छा तरीका है। 

आप अपने बिज़नेस की लोकल मार्केटिंग कर के लोगो को अपने प्रोड्कट और सर्विस के बारे में बता सकते हो। 

Leave a Reply